1 जवान बेटे की शहादत , पिता के सीने पर , उस नासूर की तरह चुभ गई .. जिसकी टीस अरसे तक रहेगी ... इस हमले में एक पिता ने सिर्फ आपना बेटा नहीं खोया देश सुरक्षा को लेकर आत्म विश्वास भी खोया है ! कोई भी नहीं समझ पा रहा है , और , न सरकार समझा पा रही है कि , हमारा अगला कदम क्या होना चाहिएइस मातम के बीच आपको क्रांतिधारा मेरठ लेकर चलते हैं ... मादर - ए हिंद की हिफाजत में कुर्बान हुए हैं लालरास्ते में है शहीद का टोला , आखिरी रुखसती के इंतजार में बिलख पड़ा परिवार...इस परिवार के लिए , ठहर गया है जीवन .... ठहर गया है मौसम .... ठहर गई है रुत , और ठहर गया है मातम रह-रह कर गूंजती है , पिछली बाते मोर्चे पर हूं,.. महफूज रखना है वतन को...कहते हैं बाप के लिए जमीन से भी भारी हो जाती जवान बेटे की लाश , .... कोई तो कह दे खबर झूठी है...झूठे हैं ये अखबार , हजारों झूठे शब्दों के बीच इस झूठ की गुजाइंश , क्यों नहीं है क्यों नहीं है ? दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग से आई इस खबर ने शहीद के परिवार को विलाप के अलाप में बदल दिया है...जहां से आती ही सातवें सुर में रुदन की आवाजें , अब केतन शर्मा को ही ले लिजिए....
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