एक पच्चीस वर्ष का युवा कथावाचक बिहार जैसे राज्य में आता है और दूसरे ही दिन आठ से दस लाख की भीड़ उमड़ पड़ती है, तो यह सिद्ध होता कि अब भी इस देश की सबसे बड़ी शक्ति उसका धर्म है। मैं यह इसलिए भी कह रहा हूँ कि इसी बिहारभूमि पर किसी बड़े राजनेता की रैली में 50 हजार की भीड़ जुटाने के लिए द्वार द्वार पर गाड़ी भेजते और पैसे बांटते हम सब ने देखा है। वैसे समय में कहीं दूर से आये किसी युवक को देखने के लिए पूरा राज्य दौड़ पड़े, तो आश्चर्य होता है। मेरे लिए यही धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) का सबसे बड़ा चमत्कार है।वह दस लाख की भीड़ किसी एक जाति की भीड़ नहीं है, उसमें सभी हैं। बाभन-भुइंहार हैं, तो कोइरी कुर्मी भी.राजपूत हैं तो बनिया भी, यादव भी, हरिजन भी... यह वही बिहार है जहां हर वस्तु को जाति के चश्मे से देखने की ही परम्परा सी बन गयी है। उस टूटे हुए बिहार को एक युवक पहली बार में इतना बांध देता है, तो यह विश्वास दृढ़ होता है कि हमें बांधना असम्भव नहीं। राजनीति हमें कितना भी तोड़े, धर्म हमें जोड़ ही लेगा.आयातित तर्कों के दम पर कितना भी बवंडर बतिया लें, पर यह सत्य है कि इस देश को केवल...
आगामी लोकसभा चुनाव में कौन किसको पछाड़ेगा और किसकी जीत होगी इसका आकलन कोई नहीं कर सकता। खुद बीजेपी भी नहीं और कांग्रेस समेत कोई विपक्षी पार्टियां भी नहीं। लेकिन सवाल है कि अगले चुनाव का मुद्दा क्या होगा ? किस मुद्दे पर सत्ता पक्ष जनता के पास जाएगा और किस मुद्दे को विपक्ष चुनावी मैदान में उतरेगा ? यही सबसे बड़ा सवाल है। कहने को तो विपक्ष के पास ढेर सारे मुद्दे हो सकते हैं जैसे लोकतंत्र की बर्बादी ,सरकारी संस्थाओं के दुरूपयोग ,अडानी प्रक्ररण ,चीन का सीमा विवाद ,अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले और अर्थव्यवस्था ,बेरोजगारी ,महंगाई के मसले भी। इसके बाद आने वाले समय में और भी कई गंभीर मसले उठेंगे उसको लेकर भी विपक्ष जनता के पास जा सकती है। लेकिन क्या बीजेपी के पास मुद्दे नहीं होंगे ? कहने को तो उसके पास भी कई मुद्दे हैं और विकास के कार्य भी। ऐसा नहीं है कि बीजेपी सरकार ने पिछले 9 साल में कुछ नहीं किया है। गांव -से लेकर शहरो तक मोदी सरकार ने कई योजनाए चलाई है और इसका लाभ लोगो को मिला है। आज भी देश की जनता उस लाभ को उठा रही है। सबसे बड़ी योजना तो 80 करोड़ जनता को पांच किलो अनाज मुफ्त में देने की य...
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