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bageshwar dham news uttarakhand today :परेड ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

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Latest Uttarakhand News In Hindi मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम में शामिल हुये। उन्होंने पंड़ित धीरेन्द्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हे सनातन संस्कृति का संरक्षक बताया। वे हमारी सनातन संस्कृति के संरक्षक के रूप में भारत की सही पहचान को भावी पीढी तक पहुंचाने का दायित्व निर्वहन कर रहे है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने ठीक ही लिखा है कि बिनु सत्संग विवेक न होई, रामकृपा बिनु सुलभ न सोई। अथार्तः सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और श्री रामजी की कृपा के बिना सत्संग सहज नहीं मिलता। ठीक उसी प्रकार संपूर्ण विश्व को ज्ञान, दर्शन, आध्यात्म और संस्कृति से परिचित कराने वाले पूजनीय धीरेंद्र शास्त्री जी के माध्यम से आज उन्हें इस दिव्य दरबार में बालाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था को साझा करने का एक अप्रतिम अवसर प्राप्त हुआ है। ऐसे पावन दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य चंद लोगों को ही प्राप्त होता है और इसमें भी यदि महाराज श्री का आशीर्वाद मिले तो इसका आशीष कई गुना बढ़ जा...

ब्राह्मणवाद की जड़े गहरी, हिंदू कोई धर्म नहीं, Swami Prasad Maurya के बयान पर फिर गरमाई सियासत पढिये मौर्या का हिन्दू विवाद गाथा

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सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या एक बार फिर से देश की सनातनी परंपरा पर हमलावर हैं। उनकी ये हमला बेसक राजनीतिक हो क्योंकि चुनावी लाभ लेने के लिए तो नेता लोग कुछ कहने और बोलने से बाज नहीं आते। लगता है मौर्या ने धर्म और सनातन परंपरा पर हमला करके ही नयी राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। इस कोशिश में उन्हें कितना लाभ मिलेगा। उनकी पार्टी को कितना जान समर्थन मिलेगा यह तो कोई नहीं जानता लेकिन डर इस बात की भी है कि हिन्दू और सनातनी परम्परा पर हमला करते -करते कही मौर्या सपा को ही कही बदनाम नहीं कर दे। और ऐसा कुछ हुआ तो तो हानि मौर्या की नहीं होगी ,सपा की राजनीति बदनाम भी होगी और कमजोर भी। भारत सर्व धर्म समभाव वाला देश है। यहाँ सभी धर्मो के लोग प्यार और सम्मान के साथ रहते हैं। बहुतायत हिन्दुओं की है और इस देश में करीब 85 फीसदी लोग हिन्दू और सनातनी परम्परा को ही मानते हैं और और उसी परमपरा में जीते भी है। भगवान् ,,ईश्वर ,पूजा ,मंत्र ,यज्ञ ,तप योग ,साधना ,कीर्तन ,उपासना और भक्ति ,शक्ति की कहानी हिन्दू धर्म की परमपरा है और जीवन का आधार भी। जो इस परमपरा में जीते हैं वे भी और नहीं जीते हैं वे भी इ...

Hariyaliteej || Hariyaliteej2023|| || hariyaliteejvratniyam || सावन मास...

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भाई की आस, मोदी को फिर PM आर्शिवाद, बागेश्वर बाबा के दरबार में अरदास

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इधर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव को लेकर बड़ी प्लानिंग कर रहे थे।उधर बागेश्वर धाम के बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनके लिये बड़ा ऐलान कर दिया।ऐलान भी ऐसा किया कि पूरी दुनिया बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री को देखती रह गई। ये सब उस वक्त हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई 30 जून को अचानक मध्य प्रदेश के छतरपुर में बागेश्वर धाम पहुँच गये।उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सामने अपनी अर्जी लगाई।अपनी अर्जी में पीएम नरेंद्र मोदी के भाई ने बाबा से ऐसा आर्शिवाद मांग लिया कि बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री उनका मूंह देखते रहे।उसके बाद बाबा ने क्या कहा, आप इस रिपोर्ट में खुद देखना।बाबा ने कुछ ऐसा कह दिया कि दरबार में सभी लोग खुशी से तालियाँ बजाने लगे। बाबा धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में अर्जी, पीएम नरेंद्र मोदी के भाई प्रहलाद दामोदर दास ने लगाई। अर्जी में उन्होंने बाबा से आर्शिवाद मांगा कि नरेंद्र मोदी दोबारा-2024 में देश के प्रधानमंत्री बने।ऐसे में बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने इस अर्जी को स्वीकार किया और ऐसा ऐलान कर दिया कि पूरे दिव्य दरबार, बाबा के जयकारों के साथ मोदीमय भी हो ग...

Bageshwar Dham: ग्रेटर नोएडा में यहां सजने वाला है बाबा बागेश्वर का दरबार, 200 बीघा में लगेगा पंडाल.

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एकांतवास खत्म होने के बाद बाबा बागेश्वर दिल्ली से नोएडा में पहुंचेंगे. यहां ग्रेटर नोएडा में 10 से 16 जुलाई तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री कथा सुनाने के साथ दिव्य दरबार लगाएंगे. इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है. 200 बीघे में विशाल पंडाल लगाया जा रहा है. इसमें 20 लाख से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी. ऐसा माना जा रहा है कि, दिव्य दरबार में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.बाबा बागेश्वर यूपी के ग्रेटर नोएडा में पहली बार पहुंचेंगे. यहां जैतपुर में करीब 200 बीघा में भव्य पंडाल लगाया जा रहा है. यहां 10 से 16 जुलाई तक पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा का आयोजन होगा कार्यक्रम की शुरुआत 8 जुलाई को हवन के बाद से ही कर दी जाएगी. 9 जुलाई को पंडित धीरेंद्र शास्त्री कलश यात्रा में हिस्सा लेंगे. इस कलश यात्रा में सवा लाख से ज्यादा महिलाएं शामिल हो सकती हैं. पर्चा लिखकर लोगों की समस्या का हल करने का दावा करने वाले बाबा बागेश्वर का दिव्य दरबार 12 जुलाई से लगाया जाएगा. सुबह 10 बजे इसकी शुरुआत होगी, जिसमें अर्जी लगाई जाएगी. दरबार 16 जुलाई तक चलेगा. इसमें करीब 20 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है. बाब...

WATCH VIDEO:घर-घर सनातन की अलख जगाने वाले Bageshwar Baba Dhirendra Krishna Shastri की महिमा अपरमपार..पढ़िये पूरी जन्म कुंडली

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बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की महिमा अपरमपार है। बाबा की शक्ति, या यूं कह लिजिए की, बाबा का चमत्कार ही भक्तों को हर रोग से मुक्त कर देता है। घर-घर सनातन की अलख जगाने वाले बाबा धीरेद्र कृष्ण शास्त्री के करोडों भक्त, कोई बंगाल तो कोई बिहार, कोई एमपी तो कोई गुजरात से देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा का आर्शिवाद प्राप्त करने के लिये उनके दरबार में पधारते हैं।यही कारण है कि अब, बागेश्वर वाले बाबा यानी धीरेन्द्र शास्त्री देश-विदेश में इतने फेमस हो गये हैं कि लोग टीवी पर उनके दर्शन करते हैं और टीवी पर ही आर्शिवाद लेकर उनकी कथा का श्रवण करते हैं। Bageshwar Baba Dhirendra Krishna Shastri के रहन सहन और शिक्षा के बारे में भी बताते हैं।बागेश्वर धाम पंडित धीरेन्द्र शास्त्री पर्चे पर लिखकर लोगों की समस्या का हल निकालते हैं। ऐसे में लोगों को जिज्ञासा होती है कि वह खुद कितने पढ़े लिखे हैं।पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का नाम आज कल हर इंसान की जुबान पर है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते है...

बिहार में बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार के राजनेताओं में मचा दी खलबली,पागल का मतलब भी समझाया

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एक पच्चीस वर्ष का युवा कथावाचक बिहार जैसे राज्य में आता है और दूसरे ही दिन आठ से दस लाख की भीड़ उमड़ पड़ती है, तो यह सिद्ध होता कि अब भी इस देश की सबसे बड़ी शक्ति उसका धर्म है। मैं यह इसलिए भी कह रहा हूँ कि इसी बिहारभूमि पर किसी बड़े राजनेता की रैली में 50 हजार की भीड़ जुटाने के लिए द्वार द्वार पर गाड़ी भेजते और पैसे बांटते हम सब ने देखा है। वैसे समय में कहीं दूर से आये किसी युवक को देखने के लिए पूरा राज्य दौड़ पड़े, तो आश्चर्य होता है। मेरे लिए यही धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) का सबसे बड़ा चमत्कार है।वह दस लाख की भीड़ किसी एक जाति की भीड़ नहीं है, उसमें सभी हैं। बाभन-भुइंहार हैं, तो कोइरी कुर्मी भी.राजपूत हैं तो बनिया भी, यादव भी, हरिजन भी... यह वही बिहार है जहां हर वस्तु को जाति के चश्मे से देखने की ही परम्परा सी बन गयी है। उस टूटे हुए बिहार को एक युवक पहली बार में इतना बांध देता है, तो यह विश्वास दृढ़ होता है कि हमें बांधना असम्भव नहीं। राजनीति हमें कितना भी तोड़े, धर्म हमें जोड़ ही लेगा.आयातित तर्कों के दम पर कितना भी बवंडर बतिया लें, पर यह सत्य है कि इस देश को केवल...

आखिर बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़क उठे नीतीश कुमार ?

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संत - महात्मा की भूमिका भारत जैसे देश में सनातनी काल से ही है। हर समय में और हर युग में संतों ने समाज निर्माण ,समाज सुधार और मानवता के कल्याण के लिए काम करते रहे हैं। लेकिन किसी भी संत ने मानवता से परे हिन्दू राष्ट्र का अलाप किया हो। मौजूदा समय में जिस तरह से बीजेपी और संघ के लोग हिन्दू राष्ट्र की बात करते रहे हैं अगर उसी को आगे बढ़ाने में कोई संत लगा हो तो उसे संत कहा जाये य फिर राजनीतिक आदमी। सबको पता है कि भारत एक सेक्युलर देश है। इस देश का एक संविधान है जिसमे सबको एक साथ मिलकर रहने की आजादी है। सभी को अपने धर्म मानने की आजादी है। ऐसे में संविधान से परे कोई हिन्दू राष्ट्र की बात करे तो उसे आप क्या कहेंगे ? क्या जो सेक्युलर समाज की परिकल्पना करते हुए इस देश में रह रहा है और सनातनी परंपरा को भी मानता है ,अपने आराध्य को भी पूजता है और सबको सामान नजरिये से देखता है क्या वे हिन्दू नहीं है ? किसी के पास इसका जवाब है ? जो लोग बीजेपी को वोट देता है उसकी आबादी करीब 35 फीसदी ही और बाकी आबादी जो बीजेपी वोट नहीं करती क्या वे हिन्दू नहीं हैं ? ऐसे बहुत से सवाल है। बिहार के नोबतपुर के तरेत पाल...

गाज़ियाबाद में आयोजित होने वाला ‘संत-संवाद’ कवि सम्मेलन ।। यति नरसिंहानंद गिरी

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सनातनी बाबा Dhirendra Shastri पर बिहार में सियासत क्यों ?

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बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) वाले बाबा धीरेन्द्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) का बिहार में इंतजार है। बिहार की जनता भी उनके स्वागत को तैयार ही। खासकर बीजेपी के समर्थक और संघ से लेकर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग उनके दर्शन को लालायित हैं। लोग कह रहे हैं कि बाबा आएंगे तो बिहार की धरती पवित्र हो जाएगी। सनातन धर्म गौरवान्वित होगा और लोगों की अभिलाषा उनके दर्शन मात्र से पूरी हो जाएगी। और भी बहुत बातें की जा रही है। बाबा भी फुले नहीं समा रहे। उनकी भी इच्छा ही कि बिहार की जनता का भी कल्याण हो ,बिहार भी सनातन को आगे बढाए और बिहार को भी प्रभु राम भक्त हनुमान का आशीर्वाद मिले।बिहार के भक्तो से बबा की बात हुई और फिर आगमन की तैयारी हो गई। पहले पटना के गाँधी मैदान में कर्यक्रम करने की बात हुई लेकिन सरकर ने इसकी इजाजत नहीं दी। फिर बहुत कुछ बदला। बाबा अब 13 को पटना पहुँच रहे हैं और पटना के ही नौबतपुर में उनका कार्यक्रम 17 मई को होना है। वे प्रवचन देंगे। बबा के लोग बिहार के गांव -गव घूम रहे हैं और बाबा का सन्देश बिहार के लोगों को दे रहे हैं। कथा प्रवचन ने आने का निमंत्रण भी देते फिर रहे हैं। सनातनी...

Bajrang Dal Row: आखिर क्या है बजरंग दल ,बजरंगबली और हिंदुत्व की राजनीति का झंझट ?

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History Of Bajrang Dal : कर्नाटक से उठे बजरंग दल की राजनीति आगे क्या गुल खिला सकती है इसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है। आज भले ही कर्नाटक के चुनाव में बजरंग दल पर कथित लगाने की कहानी का असर भले ही न दिखे लेकिन उत्तर भारत और खास कर हिंदी पट्टी में बजरंग दल की जो हैसियत है वह चुनाव को प्रभावित करने वाली है और करती भी रही है। विश्व हिन्दू परिषद् का यह संगठन हिन्दू युवाओं का ऐसा दल है जिसकी पहुँच उत्तर से लेकर दक्षिण तक है। हालांकि यूपी,मध्यप्रदेश और राजस्थान को छोड़ दें तो देश के अन्य भागों में इसके नर्तन भले ही कमजोर दीखते हों लेकिन बीजेपी की राजनीति को आगे बढ़ाने में इसकी भूमिका अहम् रही है। जहाँ -जहाँ संघ और विश्व हिन्दू परिषद् की पहुँच है वहाँ बजरंग दल मजबूत है और चुनाव खेल को साधने में भी महत्वपूर्ण है। बजरंग दल की स्थापना 8 अक्टूबर 1984 में अयोध्या में की गई थी। इसकी स्थापना की भी अपनी कहानी है। उस समय अयोध्या से रथ यात्रा निकाली जा रही थी लेकिन राज्य प्रशासन ने उस समय सुरक्षा देने से मना कर दिया था। फिर संतों के आह्वान पर वीएचपी ने वहां के युवाओं को रथ यात्रा की सुरक्षा देने क...

हिंदुत्व ही बीजेपी का प्राण है और वोट का आधार भी

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आगामी लोकसभा चुनाव में कौन किसको पछाड़ेगा और किसकी जीत होगी इसका आकलन कोई नहीं कर सकता। खुद बीजेपी भी नहीं और कांग्रेस समेत कोई विपक्षी पार्टियां भी नहीं। लेकिन सवाल है कि अगले चुनाव का मुद्दा क्या होगा ? किस मुद्दे पर सत्ता पक्ष जनता के पास जाएगा और किस मुद्दे को विपक्ष चुनावी मैदान में उतरेगा ? यही सबसे बड़ा सवाल है। कहने को तो विपक्ष के पास ढेर सारे मुद्दे हो सकते हैं जैसे लोकतंत्र की बर्बादी ,सरकारी संस्थाओं के दुरूपयोग ,अडानी प्रक्ररण ,चीन का सीमा विवाद ,अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले और अर्थव्यवस्था ,बेरोजगारी ,महंगाई के मसले भी। इसके बाद आने वाले समय में और भी कई गंभीर मसले उठेंगे उसको लेकर भी विपक्ष जनता के पास जा सकती है। लेकिन क्या बीजेपी के पास मुद्दे नहीं होंगे ? कहने को तो उसके पास भी कई मुद्दे हैं और विकास के कार्य भी। ऐसा नहीं है कि बीजेपी सरकार ने पिछले 9 साल में कुछ नहीं किया है। गांव -से लेकर शहरो तक मोदी सरकार ने कई योजनाए चलाई है और इसका लाभ लोगो को मिला है। आज भी देश की जनता उस लाभ को उठा रही है। सबसे बड़ी योजना तो 80 करोड़ जनता को पांच किलो अनाज मुफ्त में देने की य...

शिवसेना की असली लड़ाई शुरू ,पार्टी दफ्तर और फंड को लेकर शिंदे और उद्धव आमने सामने 

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News India ! Uddhav Thackeray vs Eknath Shinde :शिवसेना की असली लड़ाई अब शुरू होगी। 27 फरवरी से महाराष्ट्र में बजट सत्र शुरू होने  है ऐसे में इस बात की संभावना बढ़ गई कि शिंदे गुट शिवसेना के दफ्तर और पार्टी फंड पर भी दावा करेंगे और ऐसा हुआ तो महाराष्ट्र में वह सब देखने को मिल सकता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। मौजूदा समय में शिवसेना के 362 दफ्तर हैं पार्टी के पास 191.82 करोड़ की चल और अचल  संपत्ति भी है। सवाल है कि जब चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को पिछले दिनों जब शिवसेना को उनके गुट के हवाले कर दिया और पार्टी का चुनाव चिन्ह  तो क्या दफ्तर और पार्टी फंड के लिए शिंदे गुट पीछे रहेंगे?  हालांकि उद्धव गुट को अभी भी लगता है कि यह सारा मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही सब कुछ तय होगा लेकिन क्या मौजूदा समय में शिंदे गुट आगे की कार्रवाई नहीं करेगा ? क्योंकि इस गुट का तर्क है कि जब पार्टी और चुनाव चिन्ह उसके पास हो गए तब पार्टी से जुड़े सभी चीजे भी उसकी होगी। यहां तक कि विधयक और सांसद उद्धव गुट के पास है उस पर भी शिंदे गुट का दावा है।         बता दें कि  पास अभी द...

Maulana Arshad Madani के बिगड़े बोल कहा 'न राम, न शिव उस वक्त सिर्फ अल्लाह थे, आदम था तुम्हारा पूर्वज.

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Maulana Arshad Madani : मौलाना अरशद मदनी से पहले मौलाना महमूद मदनी ने दावा किया था कि इस्लाम दुनिया का सबसे पुराना धर्म है और इस्लाम की पैदाइश भारत में हुई है. Maulana Arshad Madani Statement: दिल्ली में चल रहे जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन में मौलाना अशरद मदनी (Maulana Arshad Madani) ने एक हिदुत्व पर चोट करते हुए ऐसा बयान दिया कि,सभी हिंदू धर्मगुरूओं का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया.इस बार उन्होंने मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को लेकर मंच से पूरा जहर उगला. मौलाना ने कहा हमारे मजहब में दखल क्यों दिया जाता है. हमारा सबसे पहला नबी मनु यानी आदम है. मदनी ने कहा कि तुम्हारा पूर्वज हिन्दू नहीं था. तुम्हारा पूर्वज मनु था यानी आदम था. मदनी के इस बयान के बाद मंच पर बवाल मचना तय था. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ( ) के 34वें अधिवेशन में मदनी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के लिए आपत्तिनजक शब्दों का भी इस्तेमाल किया. ‘उन्होंने कहा अल्लाह ने इसी धरती पर मनु यानी आदम को उतारा है, जिसकी पत्नी हव्वा है जिनको तुम हेमवती कहते हो. ये हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबके पूर्वज हैं’. मदनी के बयान पर जैन गुरु लोकेश मुनि ने स्टे...

सच तो यही है कि जाति और हिंदुत्व ही इस देश मिजाज है…

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News India ! संघ का प्रमुख लक्ष्य क्या है ? एक ही लक्ष्य है कि भारत हिन्दू राष्ट्र बने। संघ की स्थापना 2025 में की गई थी। हालांकि यह अभी तक कोई पंजीकृत संगठन नहीं है लेकिन इस संघ की शाखाये और उप शाखाये पुरे देश में फैली हुई है। मकसद एक ही है कि देश हिन्दू राष्ट्र बने। संघ के सभी संगठन जब आपस में मिलते हैं तो एक ही विचार पर मंथन होता है और वह है हिन्दू राष्ट्र। अब दो साल बाद संघ सौ साल का हो जाएगा। 2025 में संघ के सौ साल होंगे और संघ की समझ यही है कि जब 2024 के चुनाव में बीजेपी की सरकार फिर से बनेगी तब शायद उसकी मंशा पूरी हो जाए। कह सकते हैं कि बीजेपी के लोगों को जहां अगले चुनाव में जीत हार की जितनी संवेदना नहीं है उससे कही ज्यादा संवेदना संघ के बीच है। संघ हर हाल में अगले चुनाव में बीजेपी की जीत चाहता है। उसे लग रहा है कि अगर 2024 में फिर से मोदी सरकार की वापसी होती है तो शायद उसके मनोरथ पूर्ण हो जायेंगे। और भी पढ़े: Bageshwar Dham controversy: बाबा धीरेन्द्र शास्त्री के समर्थन में उतरे कथावाचक Devkinandan thakur पिछले दिनों संघ प्रमुख मोहन भागवत देश की जातियों को लेकर एक बया...

Global Investors Summit 2023: पीएम मोदी ने किया ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन ,दुनिया भर के कारोबारी पहुंचे लखनऊ 

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यूपी सधे तो सब सधे की तर्ज पर आज से लखनऊ में बहुत कुछ होने जा रहा है। दुनिया भर के इन्वेस्टर्स  रहे हैं। देश और दुनिया के कारोबारी यूपी में निवेश करेंगे ताकि रोजगार के अवसर बढे। यहाँ तक तो सब ठीक है। लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी है। बीजेपी को लग रहा है कि इस आयोजन का थोड़ा लाभ भी सूबे को मिल गया तो आगामी चुनाव में उसकी भारी जीत पक्की है। बीजेपी अगले लोकसभा चुनाव में यहां की सभी 80 सीटें जीतने की कोशिश में जुटी है। बीजेपी को लग रहा है कि यूपी को अगर साध लिया गया तो उसकी मुश्किलें कम हो जाएगी क्योंकि कई राज्यों में उसकी सीटें घटने की बात कही जा रही है। उधर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर हाल में चाहते हैं कि यूपी की दशा बदले लेकिन उनकी चाहत आगे की भी है। राजनीति में चाहत रखना कोई बुरी बात भी नहीं। योगी भी अगले प्रधानमंत्री के उम्मीदवार हो सकते हैं।  पीएम मोदी ने आज इस समिट का उद्घाटन कर दिया। देश और  में कारोबारी यहां पहुँच रहे हैं। यह कार्यक्रम  चलेगा। कहा जा रहा है कि इस समिट के जरिये सूबे में 25  लाख करोड़ तक के निवेश हो सकते। हैं ऐसा हो गया तो निश्चित तौर पर यूपी की दशा बदल सकत...

भारत का प्रतीक है वंदे भारत ट्रेन

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बदलते विकसित भारत के सपने को वंदे भारत ट्रेन एक नई गति दे रहा है। देखते-देखते स्वदेशी वंदे भारत ट्रेन देश के मानचित्र पर तेजी से फैल रहा है। भारत सरकार की तैयारी आने वाले वर्षों में वंदे भारत ट्रेन के रास्ते विश्व पटल पर छा जाने की है जिस पर रेल मंत्रालय ने काम भी शुरू कर दिया है। विदेशों से पहले भारतीय विकास को गति देने के लिए पिछले 15 दिनों में दो नई वंदे भारत ट्रेन राष्ट्र को समर्पित की गई है। चारों दिशा में दौड़ती यह वंदे भारत ट्रेन नए भारत के संकल्पों और सामर्थ्य का ही नहीं है बल्कि गुलामी की मानसिकता से निकल कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते भारत की भी बन रही है। पीएम मोदी ने 15 जनवरी को देश के आठवें, दक्षिण भारत के दूसरे और इस वर्ष के पहले वंदे भारत ट्रेन की सौगात देश के लोगों को दी। पीएम मोदी ने सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम को जोड़ने वाली वंदे भारत 2.0 ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जो सिकंदराबाद से विशाखापट्टनम की करीब 700 किलोमीटर की दूरी आठ घंटे में तय करेगी। अभी तक इस दूरी को तय करने में करीब 12 घंटे का समय लगता था। आंध्र प्रदेश में यह ट्रेन विशाखापट्टनम, राजमुंदरी और विजयवाड़ा में रुकेगी ज...

Bageshwar Dham News: कथा-वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने बाबा धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन, में कहा-सनातन धर्म ही टारगेट क्यों?

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Latest News on Religion ! आस्था में विवाद की गुंजाइस कहा ? भारत में आस्था ही सर्वोपरि है। यह संत ,महात्माओ ,सूफियों का देश है। न जाने कितने पंथ है और न जाने कितनी पूजा पद्धति। कोई शिव को मानता है तो शाक्त को। कोई विष्णु नाम जपकर जीवन जीता है तो कोई राम नाम को ही जीवन का आधार मानता है। कोई कृष्ण की लीला को याद कर जीवन को धन्य मानता है तो कोई तंत्र मन्त्र साधना को अपनाकर भवसागर को पार होना चाहता है। कोई रामभक्त हनुमान का उपासक है तो कोई गीता के रहस्यों में जीवन का आनद ढूंढता फिरता है। जितने लोग उतनी तरह की भक्ति। भारत की यही महानता है। यह सर्व धर्म समभाव का देश है। इस देश में सनातन को आगे बढ़ाने की बात होती है और सनातन (SANATAN) में ही जीवन के रहस्य छुपे होने की बात भी की जाती है। साधू संतो के इस देश की खासियत भी यही है। धर्म से विमुख लोगो को देश के महान कथावाचकों ने लोगो को धरम का मार्ग दिखाने में कोई त्रुटि अभी तक नहीं की है। एक से बढ़कर एक कथावाचक सनातन का झंडा उठाये हुए लोगो को हर रोज अमृतपान कराने से नहीं चूकते। सनातन की जय हो यह कल्पना मात्र है। यह भी जरूर पढ़े: सच तो यही है कि ज...

और अडानी (Adani) की जांच क्यों नहीं होनी चाहिए ?

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India Today's News in Hindi अडानी समूह ( Adani Group ) जिस तरह से शेयर बाजार (Share Market) में गोते खा रहा है इससे साफ़ लगता है कि हिंडेनवर्ग की रिपोर्ट सही है। इस रिपोर्ट में यही बात दर्ज की गई थी कि अडानी कंपनी ओवर वैल्यूड है। जितनी की सम्प्पति नहीं है उससे कई गुना ज्यादा वैल्यू करके बाजार को पलीता लगाया जा रहा है। दूसरा बड़ा आरोप यह था कि अडानी समूह कैरेबियन देशों में कई शेल कंपनियों को संचालित करता है इन्ही शेल कंपनियों के जरिये बाजर में स्थिति मजबूत बनाये रखने का स्वांग रचता है। ये दोनों बड़े आरोप थे। हिंडेनवर्ग (Hindenburg) ने निष्कर्ष के तौर पर कहा है कि यह अडानी समूह एक फ्रॉड कंपनी है जो भारत और भारत के लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है। अब जब इस रिपोर्ट के बाद अडानी की कंपनी लगातार जमींदोज हो रही और हर जगह से जांच की मांग हो रही तो ऐसे में भारत सरकार को इसकी जांच क्यों नहीं कराई जा सकती ? चुकि इस कंपनी में देश के बैंको और एलआईसी समेत कई सार्वजानिक क्षेत्रों के पैसे लगे हुए हैं ऐसे में सरकार की यह बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि जनता के पैसे सुरक्षित ...

और जमींदोज हो जायेगा जोशीमठ -------

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भूगर्भीय वैज्ञानिको और आधुनिक तकनीकी एक्सपर्ट्स के कमेंट्स को माने तो तो आने वाले समय में जोशीमठ का नामोनिशान मिट जायेगा। प्रकृति के साथ जिस तरह से छेड़छाड़ हुई है उसमे अब विज्ञानं का कोई भी तरीका जोशीमठ को बचाने में सक्षम नहीं है। अब सरकार के सामने बस एक ही उपाय है कि वह जोशीमठ की जनता को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए और उसके पुनर्वास की व्यवस्था करे। जोशीमठ से जुड़े जो वैज्ञानिक तथ्य सामने आ रहे हैं,वे चौंकाने वाले है और सरकार की नीतियों का खुलासा करते हैं। आप कह सकते हैं कि हिंदुओं और सिखों के पवित्र तीर्थ बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब का गेटवे कहा जाने वाला ये वही जोशीमठ नगर है, जिसके धंसने की खबरें इन दिनों में सुर्खियों में हैं। इस नगर के 603 मकानों में दरारें पड़ चुकी हैं। 70 परिवारों को दूसरी जगह भेजा जा चुका है। बाकी लोगों से सरकारी राहत शिविरों में जाने को कहा गया है। जोशीमठ के भीतर के सारे जलभंडार तो पहले ही सुख गए हैं। खुदाई के दौरान जल श्रोत फुट गए थे और सारे जल निकल गए। सरकार देखती रही और कुछ कर न पायी। या तो पहले की कहानी है। लेकिन इस कहानी का वर्तमान ये है कि जोशीमठ अब तबाही के...